संत का मान, सम्मान, बहुमान और अपमान
एक व्यक्ति ने गुस्से में संत का अपमान कर दिया, अगले दिन वह माफी मांगने पहुंचा, संत ने उससे कहा, ‘नगर के बीच में पक्षियों के पंख रख आओ’ गुस्से में बोले गए शब्द दूसरों के दुख पहुंचाते हैं। गुस्से की वजह से हमारी सोचने-समझने की शक्ति कमजोर …
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