डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण नियम, 2025 (DPDPA)
2025 में प्रौद्योगिकी (technology) से संबंधित कुछ प्रमुख नियम और रुझान इस प्रकार हैं: डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण नियम, 2025 (DPDPA), जो डेटा सुरक्षा और गोपनीयता पर केंद्रित है, और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2025, जिसका विषय "यंत्र - नई प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और त्वरण को आगे बढ़ाने के लिए युगांतर" है. इसके अतिरिक्त, बजट 2025 में डिजिटल विभाजन को पाटने और उभरती प्रौद्योगिकियों, जैसे AI और सेमीकंडक्टर, के लिए आवंटन में वृद्धि पर जोर दिया गया है.
विस्तार से:
डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण नियम, 2025 (DPDPA):
यह नियम व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के लिए एन्क्रिप्शन, वर्चुअल टोकन और मजबूत पहुंच नियंत्रण जैसे उपायों को अनिवार्य करता है। बच्चों के डेटा की सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जैसे कि सत्यापन योग्य माता-पिता की सहमति प्राप्त करना.
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2025:
11 मई, 2025 को मनाया गया, जिसका विषय "यंत्र - नई प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और त्वरण को आगे बढ़ाने के लिए युगांतर" था। यह विषय भारत के वैश्विक तकनीकी नेता के रूप में उदय और वैज्ञानिक विरासत, नवाचार और मापनीय समाधानों को दर्शाता है.
बजट 2025:
बजट में ग्रामीण डिजिटल विभाजन को पाटने, डिजिटल समावेशन सुनिश्चित करने और AI, सेमीकंडक्टर, क्लीन टेक्नोलॉजी और डीप टेक जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए आवंटन बढ़ाने पर जोर दिया गया है.
अन्य रुझान:
वैश्विक प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन 2025 (GTS-2025) 10-12 अप्रैल को नई दिल्ली में आयोजित किया गया था, जिसका विषय "संभावना" था। इसका उद्देश्य उभरती प्रौद्योगिकियों के माध्यम से समावेशी विकास, डिजिटल शासन और सीमा-पार साझेदारी को बढ़ावा देना था.
संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास (UNCTAD) ने "प्रौद्योगिकी एवं नवाचार रिपोर्ट, 2025" जारी की, जिसमें AI की क्षमता, नौकरियों पर प्रभाव और बाजार प्रभुत्व जैसे विषयों पर प्रकाश डाला गया.
टेलीकॉम क्षेत्र में नए नियम 1 जनवरी, 2025 से लागू हुए, जिनका उद्देश्य दूरसंचार कंपनियों की सेवाओं को बेहतर बनाना है.
एक राष्ट्र, एक समय के मसौदा विधिक मापविज्ञान (IST) नियम, 2025, सटीक समय-पालन सुनिश्चित करने और साइबर सुरक्षा खतरों से सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं.
नीति आयोग ने "राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषदों को मजबूत करना" पर एक रोडमैप जारी किया, जो राज्यों में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए है