एक समाज • एक पहचान • एक डिजिटल मंच ✦ समाज के लिए सोचिए, समाज के साथ चलिए।
अखिल भारतीय पाटीदार एकता मंच अखिल भारतीय पाटीदार एकता मंचPATIDAR EKTA MANCH
← व्यवसायव्यवसाय

पाटीदार पटेल एकता मंच

भूमिका:
भारतीय संस्कृति में कन्यादान को सबसे पवित्र और पुण्यदायी दान माना गया है। यह केवल एक सामाजिक परंपरा नहीं, बल्कि धार्मिक दृष्टि से एक अत्यंत महत्वपूर्ण संस्कार है। परंतु आज के बदलते सामाजिक परिवेश में जब तलाक, पुनर्विवाह या रिश्तों का विघटन सामान्य होने लगा है, तब यह प्रश्न भी उठता है — क्या कन्यादान दो बार हो सकता है?

धार्मिक दृष्टिकोण से:

हिंदू धर्म के शास्त्रों में कन्यादान को "अपूर्णीय दान" कहा गया है, अर्थात जिसे एक बार दिया जाए तो वह वापस नहीं लिया जा सकता। यह विवाह संस्कार का हिस्सा है, जिसमें कन्या को जीवनसाथी के रूप में सौंपा जाता है। धार्मिक दृष्टिकोण से कन्यादान एक बार ही होता है, और इसे बहुत गंभीरता से लिया गया है।

लेकिन, शास्त्रों में पुनर्विवाह का भी उल्लेख मिलता है, विशेष रूप से विधवा या तलाकशुदा महिला के लिए। यदि किसी कारणवश विवाह टूट जाता है, तो पुनः विवाह की व्यवस्था भी की गई है, जहाँ दूसरी बार विवाह होते समय उसे कन्यादान न कहकर "स्त्रीदान" या "पुनःविवाह संस्कार" कहा जाता है।

शुरुआत
2024-08-02
✦PATIDAR EKTA MANCH

अगला कदम हमारे ऐप पर।

यहां जानकारी पढ़ें। पोस्ट, कमेंट, नौकरी आवेदन, सदस्यों से संपर्क और समाज के सहयोग के लिए हमारा आधिकारिक ऐप डाउनलोड करें।

Google Play से डाउनलोड करें ↗