एक समाज • एक पहचान • एक डिजिटल मंच ✦ समाज के लिए सोचिए, समाज के साथ चलिए।
अखिल भारतीय पाटीदार एकता मंच अखिल भारतीय पाटीदार एकता मंचPATIDAR EKTA MANCH
← विचार और ब्लॉगविचार और ब्लॉग

पाटीदार आरक्षण आंदोलन

 

  • Patidar Ekta Manch दरअसल Patidar / Patel समुदाय की एकता और सामाजिक-सांस्कृतिक समन्वय की पहल है, जिसमें Patidar Anamat Andolan Samiti (PAAS) का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, विशेष रूप से ऑबसी आरक्षण की लड़ाई में |

  • 2015 से शुरू हुए इस आंदोलन में, Patidar समाज नफे-लाभ आरक्षण (OBC स्टेटटस) की मांग करते हुए व्यापक जनसंग्रह, “Ekta Yatra” जैसी पहलों के माध्यम से गुजरात व अन्य राज्यों में अपनी एकता का प्रदर्शन करता रहा ।

📌 प्रमुख तथ्य

1. पाटीदार आरक्षण आंदोलन और Ekta Yatra

  • जुलाई 2015 में गुजरात में आरक्षण की मांग करते हुए आंदोलन शुरू हुआ, जिसमें Patidar समाज ने OBC श्रेणी शामिल किए जाने की माँग रखी थी ।

  • इस आंदोलन की एक प्रमुख विधि थी "Ekta Yatra", जो Umiya Dham (Jamjodhpur, गुजरात) से शुरू होकर ग्रामीण इलाकों में जाती हुई Jamnagar तक पहुंची—जहाँ व्यापक जनसमर्थन पाया गया 

2. आंदोलन का प्रतिकूल मुक़ाबला: OBC Ekta Manch

  • Patidar आरक्षण की मांग के प्रतिकूल, OBC Ekta Manch ने 2015 में Gujarat में व्यापक आंदोलन किया, यह कहते हुए कि Patidar समुदाय के OBC में शामिल होने से उनकी 27% आरक्षण प्रभावित होगा 

  • इस मंच का नारा था: “हम 27% आरक्षण किसी अन्य को नहीं चाहते।” उन्होंने Ambedkar जयंती पर Bhim Sankalp Divas और कई ग्रामीण कार्यक्रमों में जनजागरण भी किया 

3. मध्यप्रदेश में पाटीदार समुदाय की सक्रियता

  • 2025 में मध्यप्रदेश (विशेषकर मालवा क्षेत्र) में Patidar समाज ने Gujarat से प्रेरित होकर बड़ी राजनीतिक और सामाजिक एकजुटता दिखाई। नीमच और मंदसौर में सरदार पटेल जयंती के अवसर पर आयोजित रैलियों ने भारी जनसमूह को आकर्षित किया, जिससे यह संकेत मिला कि Patidar बहुमत वाली 65 विधानसभा सीटों पर प्रभाव रखता है 

4. Patidar समाज की सामाजिक-आर्थिक स्थिति

  • 2011 SOC-Caste Census के अनुसार, Patidar समुदाय की जनसंख्या लगभग 1.5 करोड़ (≈ 12–14% गुजरात की आबादी) थी, जिसमें Leva और Kadva उपजातियाँ शामिल हैं 

  • पारंपरिक रूप से यह समुदाय कृषि-प्रधान और भूमिधन संपन्न माना जाता है। ब्रिटिश काल में “Patidar” शीर्षक Kanbi समुदाय से संबंध रखने वाले ज़मीन मालिकों को सम्मान देने के लिए प्रचलित हुआ

सारांश

पहल विवरण एकता यात्रा (Ekta Yatra) Patidar आंदोलन की जनजातीय यात्रा, जो ग्रामीण क्षेत्रों में जनसमर्थन जुटाती रही आरक्षण मांग OBC श्रेणी में Patidar समुदाय को शामिल करने की मांग प्रतिस्थापन मंच OBC Ekta Manch द्वारा कथित आरक्षण को बचाने की पहल राजनीतिक प्रभाव (MP) मालवा क्षेत्र में तैयार हो रही राजनीतिक एकता एवं मतदान क्षमता सामाजिक-आर्थिक स्थिति भूमिधन आधारित, कृषि प्रधान, Leva/Kadva उपजातियों सहित एक प्रभावशाली समुदाय

 

यहाँ वर्तमान में Patidar समाज में हो रहे कुछ महत्वपूर्ण बदलाव और प्रगति के मुख्य बिंदु प्रस्तुत हैं:

🟩 1. 2015 के आंदोलन से जुड़े मुकदमे वापसी

  • फरवरी 2025 में गुजरात की मौजूदा भाजपा सरकार ने 2015 के Patidar आरक्षण आंदोलन से जुड़े लगभग 270 मुकदमे वापस लेने की घोषणा की, जिनमें से 9 में से 3 मुकदमों में Hardik Patel भी शामिल थे, जिनमें राजद्रोह (sedition) के गंभीर आरोप भी थे 

  • एक सत्र न्यायालय ने विशेष रूप से Hardik Patel और अन्य चार व्यक्तियों के राजद्रोह मुकदमें वापस लेने की इजाज़त दी ।

  • यह एक बड़ा संकेत है कि आंदोलन के मुख्य नेतृत्वकर्ता राजनीतिक मोर्चे पर सक्रिय भूमिका में सम्मानित हो रहे हैं — Hardik वर्तमान में BJP विधायक हैं।

⚖️ 2. राजनैतिक सफ़र और नई रणनीतियाँ

  • Hardik Patel ने 2022 में कांग्रेस छोड़कर BJP का दामन थामा और 2025 तक विधानसभा में विधायक बन चुके हैं ।

  • उनका राजनीतिक बदलाव बताता है कि Patidar नेतृत्व अब प्रमुख दलों में समाहित होकर समुदाय हितों को प्रभावी रूप से आगे बढ़ा रहा है।

🔥 3. आंदोलन फिर से उठने की संभावनाएँ

  • अप्रैल 2025 में Hardik Patel ने चेतावनी दी है, कि अगर बाकी बचे मुकदमों को वापस नहीं लिया गया, तो वह 23 मार्च (शहीद दिवस) से फिर से आंदोलन शुरू करने का संकेत दे सकते हैं 

  • इससे स्पष्ट है कि पाटीदार युवाओं और नेताओं की भावनाएँ अभी भी दमित नहीं हुई हैं, और वे अपने अधिकारों के लिए सजग बने हुए हैं।

🌐 4. नए नेतृत्व और राजनीतिक विविधता

  • Gopal Italia, एक अन्य प्रमुख नेता जिन्होंने आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई, उन्होंने AAP के प्रतीक के रूप में कदम रखा और Visavadar से विधायक चुने गए हैं (2025 बाइ-पोल जीत) 

  • इससे संकेत मिलता है कि आंदोलन का नेतृत्व सिर्फ BJP तक सीमित नहीं है—विभिन्न दलों के माध्यम से Patidar आवाज़ अब राजनीतिक परिदृश्य का हिस्सा बन चुकी है।

📌 5. सामाजिक-सांस्कृतिक समन्वय और सरकारी पहलकदमियाँ

  • सरकार द्वारा मुकदमे वापसी एक सांकेतिक प्रयास है Patidar समुदाय को संतुष्ट करने का और समाज में उनकी प्रतिष्ठा बहाल करने का।

  • इससे यह भी संदेश गया है कि Patidar नेतृत्व अब केवल सोशल एक्टिविज़्म तक सीमित नहीं—बल्कि उस पर राजनीतिक सहमति भी बनती जा रही है।

✅ सारांश

  • मुकदमे वापसी: आंदोलन के पुराना पक्ष हिरासत से ऊपर उठकर सम्मानजनक स्थिति में आ रहा है।

  • राजनीतिक समाकलन: Hardik जैसे नेता भाजपा के साथ जनहित की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।

  • सशक्त चेतावनी: आंदोलन अभी भी “सक्रिय” और “देखा जा रहा” है, बचे मुकदमों को लेकर विविध रणनीतियाँ अपनाने की स्थिति है।

  • विविधेतापूर्ण नेतृत्व: AAP जैसे दलों में भी Patidar नेताओं की मौजूदगी, राजनीतिक क्षेत्र में उनका दायरा दर्शाती है।

 

 

 

 

✦PATIDAR EKTA MANCH

अगला कदम हमारे ऐप पर।

यहां जानकारी पढ़ें। पोस्ट, कमेंट, नौकरी आवेदन, सदस्यों से संपर्क और समाज के सहयोग के लिए हमारा आधिकारिक ऐप डाउनलोड करें।

Google Play से डाउनलोड करें ↗