छह वर्षों के अंत तक समाज की... 55% लड़कियां कुंवारी रह जायेगी
छह वर्षों के अंत तक समाज की... 55% लड़कियां कुंवारी रह जायेगी
(इस मेसेज को १ बार जरूर पड़े बहुत ही गंभीर विषय है ?)
बन्धुओं, यह कोई भविष्यवाणी नहीं है, जो प्रत्यक्ष अनुभव में आ रहा है वही मैं लिख रहा हूँ। लड़कियों के विवाह में होनेवाली देरी समाज के लिए चिंता का विषय है। भविष्य में अनेक लड़कियां कुंवारी रह जायेगी यह चिंता तीन वर्ष से मैं समाज के सामने रखता आया हूँ।
कारण यह कि वर्तमान में उच्च शिक्षित लड़कियों का प्रमाण अधिक है। वे लड़कियां अपने करिअर को अधिक महत्व दे रही है। अपनी प्रगति उनके लिए महत्वपूर्ण है। वे किसीपर डिपेंड रहना नही चाहती। उन्हें स्वतंत्रता चाहिए, किसीके बंधन में रहना उन्हें पसंद नही है। वे अपने निर्णय खुद लेती है व अपनी मर्जी से जीवन जीना चाहती है। शादी के बंधन में वे बंधना नही चाहती। आज अनेक बड़ी-बड़ी कंपनियों में ऊंचे-ऊंचे पदों पर लड़कियां काम कर रही है, उनको बड़े-बड़े पैकेज भी है। आज हर क्षेत्र में लड़कियां सफलता के झण्डे गाड़ रही है और नए नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है, लेकिन विवाह की उम्र गुजर जाने के बाद भी उनका विवाह नही हुआ है।
शिक्षा एवं मेट्रोसिटी – युवक-युवतियों के शिक्षा का डाटा तो मेरे पास नही है लेकीन मेरा मानना है कि वर्तमान में लड़कों से लड़कियों के शिक्षा का प्रमाण अधिक है इसलिए लड़कियों को उनके समकक्ष पढ़ा लड़का मिलना कठिन हो गया है। मेट्रो सिटी का रिस्ता मिलना तो और अधिक कठिन हो गया है, अनेक उच्च शिक्षित लड़के मेट्रो सिटी में जॉब करने के बजाय अपने ही गांव-शहर में, अपने परिवार के साथ रह कर व्यापार, उद्योग, व्यवसाय या जॉब कर रहे है। मेट्रो सिटी में रह रहे युवकों का प्रमाण निश्चीत ही कम है। लेकिन अधिकतर लड़कीवाले मेट्रो सिटी का ही रिस्ता ढूंढ रहे है। सबको मेट्रो सिटी का लड़का मिले यह कैसे संभव है ? युवतियां और उनके माता-पिता की आकांक्षाओं में वृद्धि तथा उनकी चाहते निसंदेह आज के समाज मे असामान्य हो गई है जिस से रिश्ते होने में देरी हो रही है। उम्र बढ़ जाने के बाद लड़कियों की विवाह करने में रुचि कम हो जाती है। यह जानकर आप चौक जाएंगे कि वर्तमान में इसके अनेक उदाहरण सामने आ रहे है। विवाह करना, बच्चे को जन्म देना इसे वे अपनी प्रगति में बाधा समझती है।
लड़कियों की इस मानसिकता के दूरगामी परिणाम होंगे समाज का ताना-बाना ही छिन्न-भिन्न हो जायेगा। कुटुंब की कल्पना ही ढह जायेगी। पाश्चात्य देशों में परिवार संस्था अस्त होने के कगार पर है। यही अपने समाज मे भी होने जा रहा है। शादी नही होगी तो बच्चे भी नही होंगे। वृद्धावस्था में उन्हें सम्भालनेवाला कोई नही होगा । फिर आपकी यह प्रगति, पद, पैसा किस काम का ? ब्रद्धाश्रम में रहने के लिए वे मजबूर होगी। यह स्पष्ट दिख रहा है कि भविष्य में स्थिति अत्यंत बिकट होगी। बंधुओं एक वर्ग के लड़कीवालों के रवैये से मैं अत्यंत चिंतित हूँ। मैंने समाज के सामने अपनी चिंता बार-बार व्यक्त की है। मैं अभिभावकों से आवाहन करता हूँ कि वे भविष्य के इस संकट को पहचाने यह कहने की जरूरत नही कि लड़कियां कुंवारी रही तो परिणामतः लड़के भी कुँवरे रहेंगे। अपनी जनसंख्या भी घटेंगी।
लडकीया शादी करने के मुड मे नही है ऐसे कुछ उदाहरण मेरे सामने है कि लड़की के माँ-बाप रिस्ता तो ढूंढ रहे है, लड़की का बॉयोडाटा भी प्रेषित कर रहे है लेकिन लड़कीयो की शादी करने में रुचि ही नही है। इसीलिए लड़की आये हुए हर रिश्ते को कोई ना कोई बहाना बनाकर ठुकरा देती है।
समाज को भविष्य के इस संकट से चेताने की आवशकता है भविष्य का संकट बहुत बड़ा है इसलिए प्रत्येक जागरूक अभिभावक का कर्तव्य है कि सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए प्रयास करे। वर्तमान मे बच्चो को दिये जानेवाले संस्कारो मे कमी आयी है। बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार देना भी आवश्यक है। लड़कियों का विवाह २३ से २५ वर्ष की उम्र में ही हो इसके लिए समाज मे विशेष प्रयास किये जाने चाहिए। समय रहते नही जागे तो बहुत भयावह स्थिती उत्पन्न होगी जो हमे भुगतनी पड़ेगी।
पाटीदार शादी परिवार / पाटीदार एकता मंच
टीम राम पाटीदार
9399604709 , 8224839854
पाटीदार शादी परिवार के व्हाट्सप्प ग्रुप से जुड़ने के लिए लिंक का उपयोग करे।
https://chat.whatsapp.com/HKOqHxmcjcN6nRC98gjM0K